All Poems of Ageya

 अरे ! ऋतुराज आ गया !!शिशर ने पहन लिया वसन्त का दुकूलगंध बह उड़ रहा पराग धूल झूलेकाँटे का किरीट धारे बने देवदूतपीत वसन दमक रहे तिरस्कृत बबूलअरे! ऋतुराज आ गया!! उधारसवेरे[....]

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Adam Gondavi Poems In Hindi

 मैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपकोआइए महसूस करिए ज़िन्दगी के ताप कोमैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपकोजिस गली में भुखमरी की यातना से ऊब करमर गई फुलिया बिचारी एक कुएँ में डूब[....]

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