All Poems of Ageya
अरे ! ऋतुराज आ गया !!शिशर ने पहन लिया वसन्त का दुकूलगंध बह उड़ रहा पराग धूल झूलेकाँटे का किरीट धारे बने देवदूतपीत वसन दमक रहे तिरस्कृत बबूलअरे! ऋतुराज आ गया!! उधारसवेरे[....]
नमस्कार ,सत श्री अकाल, आदाब दोस्तों , आशा करते हैं की आप सभी सकुशल होंगे । हम यहाँ पर हिन्दी में कुछ बहुत ही खास और अच्छे कंटेन्ट लेकर आएंगे जैसे : ग़ज़ल , शायरी, कहानियाँ हर तरह की , कविताएँ , रामायण , महाभारत , गीता, स्टैटस , मनोवैज्ञानिक तथ्य और भी बहुत कुछ । जिन्हें आप अपने सगे -संबंधियों , दोस्तों , और भाइयों -बहनों आदि को भेज सकते हैं । तो ऐसे ही कंटेन्ट के लिए जुड़े रहे हमारे ब्लॉग के साथ । धन्यावाद !! आपका दिन मंगलमय हो .....
अरे ! ऋतुराज आ गया !!शिशर ने पहन लिया वसन्त का दुकूलगंध बह उड़ रहा पराग धूल झूलेकाँटे का किरीट धारे बने देवदूतपीत वसन दमक रहे तिरस्कृत बबूलअरे! ऋतुराज आ गया!! उधारसवेरे[....]
मैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपकोआइए महसूस करिए ज़िन्दगी के ताप कोमैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपकोजिस गली में भुखमरी की यातना से ऊब करमर गई फुलिया बिचारी एक कुएँ में डूब[....]
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Modified By Shayariekpyar